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नारी सम्मान, तु क्या नही कर सकती

सम्पूर्ण पाठ करें नारी सम्मान🙏🙏
तु मान हे सम्मान हे अभिमान है भारत माँ का।
तु माँ हे बहन हे दोस्त हे जीवन की डोर भी तु ही है।
घर आंगन की शान है परिवार की आन हे अपनो का अभिमान हैं।
गर्व है तु गर्भा-ग्रह है तु।
तु क्या नही कर सकती।2।
ओलिम्पिक का गोल्ड है तु,टेनिस कोर्ट का डबल है तु।
बॉलीवुड की दिपीका,प्रियंका,संगीत की लता है तु।
रेसलिंग की मेरिकोम,बबीता,गीता फास्टर फोगाट है तु।
राजनीति की प्रतिभा,सुषमा,माया,ऊमा,ताई है तु।
तु क्या नही कर सकती तु चाहे तो धरा से उडकर आसमा जीत सकती है तु।
एक पुरूष को पैदा करके जीवन संवार सकती है।
पर आज तुझ पर हो रहे अत्याचारों से दुखी हूँ।
तिरस्कार,बलात्कार और तुझ पर हो रहे अत्याचार से परेशान हूँ।
रक्षा की डोर है तु,जीवन साथी का गठबंधन है तु।
हर अच्छे बुरे का अहसास है तु।
आज गर्व से कह सकता हूँ तु मेरी माँ,बहन,दोस्त,पत्नी है तु।
तेरे बिना कुछ नही तु मेरी जिंदगी हैं।
बस परेशान हूँ तुझ पर हो रहे अत्याचार से।
हर पल मैं साथ रहूँ या ना रहूँ तु और मजबूत बन मजबूर नही।
याद कर तु एक बेटी है तु अपनी ताकत पहचान तु माँ अंबा बन सीता बन गीता बन।
तु बस इतना ठान ले तु पुरुष की जननी है तु क्या नही कर सकती, तु क्या नही कर सकती।


लेखन-: विजयराज पाटीदार

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